वृश्चिक वार्षिक राशिफल 2023

वार्षिक राशिफल

नए साल 2023 के आने में अब कुछ ही दिनों का फासला बचा है। नया साल 2023 सभी के लिए नई उम्मीदें, नए सपने, नया लक्ष्य और चुनौतियों से रूबरू होने का साल होगा। नया साल 2023 सभी के जीवन में ढेर सारी उम्मीदें लेकर आने वाला वर्ष होगा। सभी यह सोचते हैं कि बीते साल जो हमारे काम अधूरे रह गए हैं, वे आने वाले नए साल में जरूर पूरे हों।

नए साल पर करियर में एक नया मुकाम हासिल हो, जीवन में पैसे से संबंधित सभी तरह की बाधाएं आने वाले साल में न रहें और अपनों का प्यार नए साल में मिलता रहे ऐसी उम्मीदें रखते हैं। हम सभी लोगों के मन में आने वाले नए साल में नौकरी, बिजनेस, धन-दौलत, ऐशोआराम, शिक्षा, प्यार और सेहत कैसा रहेगा, इस बात को जानने की उत्सुकता हमेशा रहती है। इन सभी सवालों के जवाब को जानने के लिए ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से वार्षिक राशिफल की मदद ली जाती है।

वार्षिक राशिफल (Varshik Rashifal 2023) में आने वाले वर्ष की भविष्यवाणी की जाती है, जिसमें जातकों की राशि के आधार पर नया वर्ष उनके लिए क्या संकेत दे रहा है जैसे कि- नए वर्ष में करियर कैसा रहेगा ? वित्तीय मामलों में आपके पास पैसे आएंगे या खर्च का बोझ बढ़ेगा? ग्रहों की चाल से आपका भाग्योदय होगा कि नहीं? लव लाइफ में रोमांस रहेगा या फिर परेशानी? परिवार में सभी सदस्यों के साथ आपका व्यवहार कैसा होगा?

वृश्चिक राशिफल 2023

इस राशि के स्वामी मंगल हैं। इस कारण से वृश्चिक राशि के जातकों के मुख पर तेज होता है। ये लोग थोड़े उग्र स्वभाव के होते हैं।इनके अंदर साहस की कोई कमी नहीं होती है। ये लोग अपनी धुन के पक्के होते हैं। वृश्चिक राशि के जातकों का स्वभाव थोड़ा खोजबीन करने वाला होता है। हर बात की तह तक जाना इनका स्वभाव होता है।

वृश्चिक राशि के लोग स्वभाव से जिद्दी और तुरंत गुस्सा करने वाले होते हैं। यह  भरोसेमंद दोस्त और वफादार जीवनसाथी साबित होते हैं। वृश्चिक राशि वाले पूरी ऊर्जा, आत्मविश्वास और लगन के साथ अपना काम करते हैं।

करियर

वर्ष के शुरुआत से ही महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। कार्यक्षेत्र में कोई परिवर्तन करने से पहले विचार करना आवश्यक होगा। 17 जनवरी के बाद शनि की ढैया प्रारंभ हो रही है वैसे या परेशान करने वाली नहीं रहेगी फिर भी निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। देवगुरु बृहस्पति पूरे वर्ष आपके लिए सहायक रहेंगे।

पहले तो अप्रैल तक आपके पंचम भाव में और उसके बाद छठे भाव में देव गुरु बृहस्पति का गोचर व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में आपको सफलता प्रदान करेगा। नौकरी पेशा जातकों  के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा। नई नौकरी मिल सकती है। उच्च अधिकारी का पूरा सहयोग मिलेगा। सहकर्मी आपका सहयोग करेंगे। जो लोग नई नौकरी की तलाश में है सफल होंगे।

पारिवारिक जीवन

पारिवारिक दृष्टिकोण से वर्ष के शुरुआत से शनि का गोचर चौथे घर में होने से कुछ समस्याएं रहेंगी। माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है उनका विशेष ध्यान रखें। अगर कोई महत्वपूर्ण फैसले लेने हैं तो उन्हें कुछ समय के लिए टाल दें। संतान से संबंधित चिंताएं इस वर्ष दूर होंगी अगर उनकी उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें आपको सफलता मिलेगी। कुछ जाने अनजाने शत्रु आपको परेशान करते रहेंगे अप्रैल के बाद इसमें भी राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के नजरिए यह वर्ष राहु और केतु के गोचर के कारण स्वास्थ्य संबंधित कुछ परेशानियां दे सकता है। शनि की ढैया भी मानसिक रूप से आपको वर्ष के प्रारंभ से ही कुछ परेशान करती रहेगी। अप्रैल के बाद देव गुरु बृहस्पति का गोचर छठे भाव में होने से स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां दूर होंगी। इस वर्ष उदर रोग से संबंधित बीमारियां आपको परेशान कर सकती हैं इसलिए खान-पान में विशेष ध्यान रखना चाहिए साथ ही निरंतर योगा  करते रहें जिससे कोई परेशानी बड़ा रूप ना लें।

आर्थिक स्थिति

आर्थिक मामलों में या वर्ष बेहतर साबित होने वाला है पूर्व में किए गए निवेश का फायदा इस वर्ष आपको मिलेगा। अगर कोई प्रॉपर्टी या मकान खरीदने का सोच रहे हैं तो स्वराशि के शनि आपके लिए सहायक सिद्ध होंगे। इस साल अचल संपत्ति में वृद्धि के योग दिखाई देते हैं और आमदनी का स्तर भी बढ़ने के योग नजर आ रहे हैं किंतु कहीं पर भी नया निवेश सोच समझकर ही करें अन्यथा हानि हो सकती है।

परीक्षा-प्रतियोगिता

शिक्षा के क्षेत्र में इस वर्ष छात्रों के लिए अच्छा वर्ष साबित होगा। अगर किसी बड़े संस्थान में दाखिले का मन बना रहे हैं तो अप्रैल के पूर्व आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। शनि की ढैया कुछ मानसिक रूप से एकाग्रता में कमी लाएगी किंतु देवगुरु बृहस्पति इस स्थिति को संभाले रहेंगे।आपको अपनी पढ़ाई में अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी और अनावश्यक कार्यों में समय कम बिताने की सलाह दी जाती है।

उपाय

वर्ष के शुरुआत श्री हनुमान जी के पूजा दर्शन से करें और मंगलवार को श्री हनुमान चालीसा का पाठ वर्ष भर करते हैं , शनिवार को सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे में जलाएं।

Leave a Reply